शनिवार, 12 अक्तूबर 2013

आज विशेष प्रस्तुति दुर्गा महाअष्टमी पर



नवरात्रि पर्व पर विशेष प्रस्तुति 

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै , नमस्तस्यै , नमस्तस्यै नमो नमः 



प्रिय मित्रों, इन दिनों पूरे देश में नवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। दस दिनों के इस महाउत्सव का आज आठवाँ दिन है। इस दिन की महत्ता का अनुभव करते हुए हम आज के निर्धारित स्तम्भ 'सिने पहेली' के स्थान पर यह विशेष अंक प्रस्तुत कर रहे हैं। 'सिने पहेली' का अगला अंक अब अगले शनिवार को प्रकाशित होगा। जिन प्रतियोगियों ने पिछली पहेली का अभी तक जवाब नहीं भेजा है, वो अपना जवाब हमें बृहस्पतिवार शाम 5 बजे तक भेज सकते हैं। 
'सिने पहेली' के स्थान पर श्री श्री दुर्गा महाअष्टमी के पवित्र उपलक्ष्य पर आइए 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के आर्काइव से एक अनमोल पोस्ट का दोबारा स्वाद लें, जो 'ओल्ड इज़ गोल्ड शनिवार विशेष' के अन्तर्गत 16 दिसम्बर 2010 को प्रकाशित किया गया था।



लावण्या शाह
दोस्तों, हमने महान कवि, दार्शनिक और गीतकार पण्डित नरेन्द्र शर्मा जी की सुपुत्री श्रीमती लावण्या शाह जी से सम्पर्क किया कि वो अपने पिताजी के बारे में हमें कुछ बताएँ जिन्हें हम अपने पाठकों के साथ बाँट सकें। तब लावण्या जी ने ही यह सुझाव दिया कि क्यों ना नवरात्रि के पावन पर्व पर पण्डित जी द्वारा संयोजित देवी माँ के कुछ भजन प्रस्तुत किए जाएँ। लावण्या जी के हम आभारी हैं कि उन्होंने हमारे इस निवेदन को स्वीकार किया और ईमेल के माध्यम से हमें माँ दुर्गा के विविध रूपों के बारे में लिख भेजा और साथ ही पण्डित जी के भजनों के बारे में बताया। तो आइए अब पढ़ते हैं लावण्या जी का भेजा आलेख। 



ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके 
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तुते। 
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता 
नमस्तस्यै , नमस्तस्यै , नमस्तस्यै नमो नमः। 


माँ दुर्गा के अनेक नाम

माता पार्वती , उमा , महेश्वरी, दुर्गा , कालिका, शिवा , महिषासुरमर्दिनी , सती , कात्यायनी, अम्बिका, भवानी, अम्बा , गौरी , कल्याणी, विंध्यवासिनी, चामुन्डी, वाराही , भैरवी, काली, ज्वालामुखी, बगलामुखी, धूम्रेश्वरी, वैष्णोदेवी , जगधात्री, जगदम्बिके, श्री, जगन्मयी, परमेश्वरी, त्रिपुरसुन्दरी ,जगात्सारा, जगादान्द्कारिणी, जगाद्विघंदासिनी ,भावंता, साध्वी, दुख्दारिद्र्य्नाशिनी, चतुर्वर्ग्प्रदा, विधात्री, पुर्णेँदुवदना, निलावाणी, पार्वती, सर्वमँगला,सर्वसम्पत्प्रदा,शिवपूज्या,शिवप्रिता, सर्वविध्यामयी, कोमलाँगी, विधात्री, नीलमेघवर्णा, विप्रचित्ता, मदोन्मत्ता, मातंगी, देवी , खडगहस्ता, भयँकरी,पद्मा, कालरात्रि, शिवरुपिणी, स्वधा, स्वाहा, शारदेन्दुसुमनप्रभा, शरद्`ज्योत्सना, मुक्त्केशी, नन्दा, गायत्री , सावित्री, लक्ष्मी , अलंकार, संयुक्ता, व्याघ्रचर्मावृत्ता, मध्या, महापरा, पवित्रा, परमा, महामाया, महोदया, इत्यादि देवी भगवती के अनेक नाम हैं।


भारत में देवी के शक्तिपीठ 

1- कामरूप पीठ
2- काशिका पीठ
3- नैपल्पिथ
4- रौद्र-पर्वत
5- कश्मीर पीठ
6- कान्यकुब्ज पीठ
7- पूर्णागिरी पीठ
8- अर्बुदाचल पीठ
9- अमृतकेश्वर पीठ
10- कैलास पीठ
11- शिव पीठ
12- केदार पीठ
13- भृगु पीठ
14- कामकोटी पीठ
15- चन्द्रपुर पीठ
16- ज्वालामुखी
17- उज्जयिनी पीठ इत्यादि

लता मंगेशकर और पं. नरेन्द्र शर्मा 
भारत के हर प्रान्त में देवी के विविध स्वरुप की पूजा होती है और भारत के कई शहर देवी के स्वरुप की आराधना के प्रमुख केन्द्र हैं। शक्तिपूजा की अधिष्ठात्री दुर्गा देवी पूरे बंगाल की आराध्या काली कलकत्ते वाली "काली" भी हैं और गुजरात की अम्बा माँ भी हैं। पंजाब की जालन्धरी देवी भी वही हैं तो विन्ध्य गुफा की विन्ध्यवासिनी भी वही माता रानी हैं जो जम्मू में वैष्णोदेवी कहलाती हैं। त्रिकुट पर्बत पर भी माँ का डेरा है। आसाम (असम) मेँ तांत्रिक पूजन मेँ कामाख्या मन्दिर बेजोड है। दक्षिण में वे कामाक्षी के मन्दिर में विराजमान हैं और चामुण्डी पर्वत पर भी वही हैं। शैलपुत्री के रूप में वे पर्बताधिराज हिमालय की पुत्री पार्वती कहलाती हैं। भारत के शिखर से लेकर पगनख तक आकर, कन्याकुमारी की कन्या के रुप में भी वही पूजी जाती हैं। महाराष्ट्र की गणपति की मैया गौरी भी वही हैं। गुजरात के गरबे और रास के नृत्य में 9 दिवस और 9 रात्रि को माता अम्बिके का आह्वान करते हैं। शिवाजी की वीर भवानी रण में विजय दिलवाने वाली वही हैं। गुजरात में, माँ खोडीयार स्वरूप से माता पूजी जातीं हैं। आइये देवी माँ की भक्ति में डूब जाएँ और स्वरसाम्राज्ञी सुश्री लता मंगेशकर के गाये ये भजन सुनिए, शब्द संयोजन पण्डित नरेन्द्र शर्मा (मेरे पिताजी) का है और संगीत से संवारा है पण्डित ह्रदयनाथ मंगेशकर जी ने ! ऐल्बम का नाम है- 'महिमा माँ जगदम्बा की'। 



आपको हमारी आज की यह प्रस्तुति कैसी लगी, हमारे ई-मेल आईडी- radioplaybackindia@live.com या cine.paheli@yahoo.com पर अवश्य लिखिए।

आलेख : लावण्या शाह
प्रस्तुति : सुजॉय चटर्जी

बुधवार, 9 अक्तूबर 2013

आत्मा को परमात्मा से जोड़ता सूफी संगीत (सूफी -एपिसोड ०१)

प्लेबैक इंडिया ब्रोडकास्ट 

सूफी संगीत यानी, स्वरलहरियों पर तैरकर जाना और ईश्वर रुपी समुंदर में विलीन हो जाना, सूफी संगीत यानी, "मै" का खो जाना और "तू" हो जाना, सदियों से रूह को सकून देते, सूफी संगीत पर हमारी विशेष प्रस्तुति का पहला भाग सुनिए संज्ञा टंडन के साथ.

उम्मीद है हमारे संगीत प्रेमियों के लिए ये पोडकास्ट एक अनमोल तोहफा साबित होगा. 



यदि प्लयेर पर सुनने में असुविधा हो तो यहाँ से डाउनलोड करें. 

शनिवार, 5 अक्तूबर 2013

आपकी फ़रमाइश पर आज की 'सिने पहेली' में एक वर्ग-पहेली...

सिने पहेली – 83

  
'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के सभी पाठकों व श्रोताओं को सुजॉय चटर्जी का सप्रेम नमस्कार! 'सिने पहेली' की एक और कड़ी के साथ मैं हाज़िर हूँ। आज से नवरात्री का त्योहार शुरू हो रहा है, इस शुभ अवसर पर 'रेडियो प्लेबैक इण्डीया' की तरफ़ से हम आप सभी को शुभकामनायें देते हैं। आप अपने परिवार जनों के साथ इस त्योहार को हँसी-ख़ुशी मनायें ऐसी हम आशा करते हैं।


दोस्तों, इस सेगमेण्ट की पहली कड़ी में पूछे गये गूगली में प्रतियोगियों की भागीदारी कम ही रही थी, पर पिछली कड़ी में आपकी भागीदारी में सुधार हुआ, और यही नहीं जितने भी खिलाड़ियों ने भाग लिया, सभी ने 100% सही जवाब भेजे। बहुत बढ़िया! इसी तरह के टक्कर की हम आगे भी उम्मीद रखते हैं, तभी तो 'सिने पहेली' बनेगा और भी दिलचस्प, और भी रोमांचक। सभी प्रतियोगियों का एक बार फिर से स्वागत करते हुए शुरू करते हैं आज की 'सिने पहेली'।



आज की पहेली : BOLLYWOOD CROSSWORD


हमारे पास समय-समय पर वर्ग पहेली की फ़रमाइशें आती रही हैं। क्योंकि इन्हें तैयार करने में काफ़ी समय लगता है, इसलिए हम बहुतायत में तो वर्ग पहेली नहीं पूछ सकते, पर कभी-कभार ऐसा ज़रूर कर सकते हैं। आज बहुत दिनों बाद हम लेकर आये हैं एक वर्ग पहेली। लेकिन इस बार हिंदी में नहीं, बल्कि अंग्रेज़ी में। जी हाँ, आज की वर्ग पहेली में आपको 20 हिंदी फ़िल्मों के नाम बताने हैं जिनके शीर्षक अंग्रेज़ी के शब्द हैं, और आपको पहेली के वर्गों में अंग्रेज़ी के ही अक्षर भरने हैं। तो यह रहा आज का crossword और सूत्र:





बाँये से दाँये

1.  __________ से स्टार तो बना जा सकता है, पर साधना का कोई ___________ नहीं है।
2. ऐसा हम अचानक कोई ग़लती करने पर कहते हैं।
3. इस फ़िल्म में सोनू निगम और अलिशा चिनॉय का गाया एक युगल गीत है।
4. इस शीर्षक से ज़हीदा और शिल्पा शेट्टी, दोनों का वास्ता है।
5. इस शीर्षक का अगर हिंदी अनुवाद करें तो इस हिंदी शीर्षक से सैफ़ अली ख़ान की एक फ़िल्म बनी थी।
6. दरवाज़ा खोलते ही कोई महमान दिखे तो क्या कहते हैं आप?
7. दो अक्षर वाली फ़िल्म के नाम के लिए और क्या सूत्र दें!
8. साल 2013 में तीन शब्दों वाली एक फ़िल्म आई है। पहले शब्द का अंग्रेज़ी अनुवाद करने पर यह शीर्षक बनता है।
9. साल 2011 की चार शब्दों वाले फ़िल्म-शीर्षक का अंतिम शब्द।
10. साल 2010 की इस फ़िल्म में अभिनेता ने फ़िल्म में एक अंग्रेज़ी गीत गाया था।

ऊपर से नीचे

1. एक लोकप्रिय टीवी शो से प्रेरित थी यह फ़िल्म।
11. करीब-करीब 10 साल लगाकर यह फ़िल्म साल 2000 में प्रदर्शित हुई; फ़िल्म का एक गीत राहुल देव बर्मन का कम्पोज़ किया हुआ था, बाक़ी गीत रचे अनु मलिक ने।
12. साल 1967 की यह फ़िल्म थी। दक्षिण की एक गायिका की आवाज़ थी इसके गीतों में।
13. साल 1995 की इस बहुचर्चित फ़िल्म में नायक का नाम शेखर और नायिका का नाम शैला बानो था। कुछ अंदाज़ा लगा?
14. यह एक 'under water action thriller' फ़िल्म थी।
15. साल 2005 की एक विवादास्पद फ़िल्म थी, फ़िल्म के नायक को असली ज़िंदगी (real life) में जेल जाना पड़ा था।
16. "मैंने यह कब सोचा था..."
17. इस साइन बोर्ड का उल्लंघन न करें! जुर्माना हो सकता है।
18. यह तो लेना ही पड़ता है।
19. आफ़ताब शिवदासानी और सेलिना जेटली अभिनीत फ़िल्म।


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 83" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 10 अक्टुबर शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।




पिछली पहेली का हल

A-  "भाई बत्तूर भाई बत्तूर अब जायेंगे कितनी दूर  
नाजुक नाजुक मेरी जवानी चलने से मजबूर" 

B-  फ़िल्म पड़ोसन (1968) 

C-  फ़िल्म - गुमनाम (1965) 

D-  फ़िल्म - जादूगर (1989) 

E- "जादूगर तेरे नैना दिल जाएगा बच के कहाँ  
रुक जाऊं झुक जाऊं तेरा मुखड़ा मैं देखूं जहाँ" 
फ़िल्म मन मंदिर (1971)


पिछली पहेली के विजेता

इस बार सबसे पहले सही जवाब भेज कर 'सरताज प्रतियोगी' बने हैं मुंबई के श्री शिशिर कृष्ण शर्मा। बहुत बहुत बधाई शिशिर जी। वैसे तो आप 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' से जुड़े हुए ही हैं, पर 'सिने पहेली' में पहली बार भाग लेकर इसमें चार चाँद लगा दिये हैं। आगे भी इस प्रतियोगिता में भाग लेते रहिएगा। इस सेगमेण्ट का अब तक का सम्मिलित स्कोरकार्ड इस प्रकार रहा...



कौन बनेगा 'सिने पहेली' महाविजेता?


1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स। 

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जोड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेता के रूप में चुन लिया जाएगा। 

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। आठवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा-



4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम। महाविजेता को पुरस्कार स्वरूप नकद 5000 रुपये दिए जायेंगे, तथा द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को दिए जायेंगे सांत्वना पुरस्कार।

तो आज बस इतना ही, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी 'सिने पहेली' में। लेकिन 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के अन्य स्तंभ आपके लिए पेश होते रहेंगे हर रोज़। तो बने रहिये हमारे साथ और सुलझाते रहिये अपनी ज़िंदगी की पहेलियों के साथ-साथ 'सिने पहेली' भी, अनुमति चाहूँगा, नमस्कार!

प्रस्तुति : सुजॉय चटर्जी

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ