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Saturday, September 18, 2010

गुलेलबाज़ लड़का - भीष्म साहनी

सुनो कहानी: भीष्म साहनी की "गुलेलबाज़ लड़का"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ।

पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में रामचन्द्र भावे की कन्नड कहानी छिपकली आदमी का पॉडकास्ट सुना था।

आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध लेखक, नाट्यकर्मी और अभिनेता श्री भीष्म साहनी की एक प्रसिद्ध कहानी "गुलेलबाज़ लड़का" जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। आशा है आपको पसंद आयेगी।

कहानी का कुल प्रसारण समय 12 मिनट 23 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



भीष्म साहनी (1915-2003)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी
पद्म भूषण भीष्म साहनी का जन्म आठ अगस्त 1915 को रावलपिंडी में हुआ था।

"चलो बाहर निकल चलो।"
("गुलेलबाज़ लड़का" से एक अंश)


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(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)
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#One hundred third Story, Gulelbaz Ladka: Bhisham Sahni/Hindi Audio Book/2010/35. Voice: Archana Chaoji

Saturday, September 11, 2010

सुनो कहानी: रामचन्द्र भावे की छिपकली आदमी

रामचन्द्र भावे की कन्नड कहानी "छिपकली आदमी"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कहानी 'सच्चा घोड़ा' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं रामचन्द्र भावे की कन्नड कहानी "छिपकली आदमी", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी का हिन्दी अनुवाद डी.एन.श्रीनाथ ने किया है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 13 मिनट 57 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।


कन्नड साहित्यकार रामचन्द्र भावे की सभी कहानियाँ अंत में सोचने पर विवश करती हैं।

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

तुंगक्का को उस बच्चे के जन्म लेने पर सन्तोष नहीं हुआ, क्योंकि वह पति के वंश को बढ़ाने योग्य नहीं था।
(रामचन्द्र भावे की "छिपकली आदमी" से एक अंश)


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#One hundred second Story, Varis: Ramchandra Bhave/Hindi Audio Book/2010/34. Voice: Anurag Sharma

Saturday, August 21, 2010

कृश्न चन्दर - एक गधे की वापसी - अंतिम भाग (3/3)

सुनो कहानी: एक गधे की वापसी- कृश्न चन्दर - अंतिम भाग (3/3)

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने प्रीति सागर की आवाज़ में सुधा अरोड़ा की एक कथा अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं कृश्न चन्दर की कहानी "एक गधे की वापसी" का अंतिम भाग, जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 39 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

एक गधे की वापसी के पिछले अंश पढने के लिये कृपया नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करें
एक गधे की वापसी - प्रथम भाग
एक गधे की वापसी - द्वितीय भाग

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



यह तो कोमलांगियों की मजबूरी है कि वे सदा सुन्दर गधों पर मुग्ध होती हैं
~ पद्म भूषण कृश्न चन्दर (1914-1977)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

मैं महज़ एक गधा आवारा हूँ।
( "एक गधे की वापसी" से एक अंश)


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#Eighty Seventh Story, Ek Gadhe Ki Vapasi: Folklore/Hindi Audio Book/2010/31. Voice: Anurag Sharma

Saturday, August 7, 2010

सुनो कहानी: सुधा अरोड़ा की अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी

सुधा अरोड़ा की कहानी अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ।
पिछले सप्ताह आपने कविता वर्मा की आवाज़ में कन्नड साहियत्यकार रामचन्द्र भावे की कहानी 'वारिस' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं सुधा अरोड़ा की कहानी "अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी", जिसको स्वर दिया है प्रीति सागर ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 14 मिनट 24 सेकंड।

इस कहानी का टेक्स्ट हिन्दीनेस्ट पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



आत्माएं कभी नहीं मरतीं। इस विराट व्योम में, शून्य में, वे तैरती रहती हैं - परम शान्त होकर।
~ सुधा अरोड़ा

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

कहीं मेरे पति घर में घुसते ही इन सब पर चप्पलों की चटाख-चटाख बौछार न कर दें या मेरी सास इन पर केतली का खौलता हुआ पानी न डाल दें।
(सुधा अरोड़ा की "अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी" से एक अंश)


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#Eighty Sixth Story, annpoorna mandal ki akhiri chitthi: Sudha Arora/Hindi Audio Book/2010/30. Voice: Preeti Sagar

Saturday, July 31, 2010

सुनो कहानी: रामचन्द्र भावे की वारिस

रामचन्द्र भावे की कन्नड कहानी वारिस

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में जयशंकर प्रसाद की अमर कहानी 'पुरस्कार' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं रामचन्द्र भावे की कन्नड कहानी "वारिस", जिसको स्वर दिया है कविता वर्मा ने। कहानी का हिन्दी अनुवाद डी.एन.श्रीनाथ ने किया है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 18 मिनट 39 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।


कन्नड साहित्यकार रामचन्द्र भावे की सभी कहानियाँ अंत में सोचने पर विवश करती हैं।

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

पिताजी का व्यवहार न जाने क्यों विचित्र सा लगा।
(रामचन्द्र भावे की "वारिस" से एक अंश)


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#Eighty Fifth Story, Varis: Ramchandra Bhave/Hindi Audio Book/2010/29. Voice: Kavita Verma

Saturday, July 24, 2010

सुनो कहानी: जयशंकर प्रसाद की पुरस्कार

जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी पुरस्कार

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में कृश्न चन्दर की रचना 'एक गधे की वापसी - भाग 2/3' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं जयशंकर प्रसाद की अमर कहानी "पुरस्कार", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 7 मिनट 17 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



झुक जाती है मन की डाली, अपनी फलभरता के डर में।
~ जयशंकर प्रसाद (30-1-1889 - 14-1-1937)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

पेड़ के नीचे, हाथ पर सर रखकर मधुलिका सो रही थी।
(जयशंकर प्रसाद की "पुरस्कार" से एक अंश)


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#Eighty Fourth Story, Puraskar: Jaishankar Prasad/Hindi Audio Book/2010/28. Voice: Archana Chaoji

Saturday, July 17, 2010

सुनो कहानी: एक गधे की वापसी - कृश्न चन्दर - भाग 2/3

सुनो कहानी: एक गधे की वापसी - कृश्न चन्दर - भाग 2/3

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में प्रेमचंद की अमर कहानी "मंत्र" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं कृश्न चन्दर की कहानी "एक गधे की वापसी", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

एक गधे की वापसी का प्रथम भाग पढने के लिये कृपया यहाँ क्लिक करें

कहानी के इस अंश का कुल प्रसारण समय 18 मिनट 27 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



यह तो कोमलांगियों की मजबूरी है कि वे सदा सुन्दर गधों पर मुग्ध होती हैं
~ पद्म भूषण कृश्न चन्दर (1914-1977)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

मैं महज़ एक गधा आवारा हूँ।
( "एक गधे की वापसी" से एक अंश)


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#Eighteeth Story, Ek Gadhe Ki Vapasi: Folklore/Hindi Audio Book/2010/24. Voice: Anurag Sharma

Saturday, July 10, 2010

सुनो कहानी: प्रेमचंद की 'मंत्र'

उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'मंत्र'

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में रबीन्द्र नाथ ठाकुर की रचना ''पत्नी का पत्र'' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रेमचंद की अमर कहानी "मंत्र", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 10 मिनट 34 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८३१-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

कल सवेरे आना, हम इस वक़्त मरीज़ नहीं देखते।
(प्रेमचंद की "मंत्र" से एक अंश)


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#Twentieth Story, Mantra: Munsi Premchand/Hindi Audio Book/2010/26. Voice: Archana Chaoji

Saturday, June 26, 2010

सुनो कहानी: एक गधे की वापसी - भाग 1 - अनुराग शर्मा के स्वर में

सुनो कहानी: एक गधे की वापसी - भाग 1 - कृश्न चन्दर

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में एक हिन्दी लोक कथा सात ठगों का किस्सा का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं कृश्न चन्दर की कहानी "एक गधे की वापसी", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 56 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



यह तो कोमलांगियों की मजबूरी है कि वे सदा सुन्दर गधों पर मुग्ध होती हैं
~ पद्म भूषण कृश्न चन्दर (1914-1977)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

मैं महज़ एक गधा आवारा हूँ।
( "एक गधे की वापसी" से एक अंश)


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#Eighteeth Story, Ek Gadhe Ki Vapasi: Folklore/Hindi Audio Book/2010/24. Voice: Anurag Sharma

Saturday, June 19, 2010

सुनो कहानी: सात ठगों का किस्सा - अनुराग शर्मा के स्वर में

सुनो कहानी: सात ठगों का किस्सा

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में विष्णु प्रभाकर की एक कहानी चोरी का अर्थ का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं "सात ठगों का किस्सा", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।
कहानी का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 56 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

जब और इंतज़ार न हो सका तो ठग रसोई में घुसे।
(हिन्दी लोक कथा "सात ठगों का किस्सा" से एक अंश)


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#Seventy Ninth Story, Sat thagon ka kissa: Folklore/Hindi Audio Book/2010/23. Voice: Anurag Sharma

Saturday, June 12, 2010

सुनो कहानी: चोरी का अर्थ - विष्णु प्रभाकर जी के जन्मदिवस पर विशेष

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में इस्मत चुगताई की एक सुन्दर और मार्मिक कहानी दो हाथ का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज विष्णु प्रभाकर जी के जन्मदिवस पर इस विशेष प्रस्तुति में हम लेकर आये हैं विष्णु प्रभाकर की "चोरी का अर्थ", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।
कहानी का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 18 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

"चोरी का अर्थ" का टेक्स्ट गद्य कोश पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।


मेरे जीने के लिए सौ की उमर छोटी है
~विष्णु प्रभाकर (१२ जून १९१२ - ११ अप्रैल २००९)

विष्णु प्रभाकर जी के जन्मदिवस पर विशेष

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

उसने ढक्कन खोला, उसका हाथ जहाँ था, वही रूक गया।
(विष्णु प्रभाकर की "चोरी का अर्थ" से एक अंश)


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#Seventy Eighth Story, Chori Ka Arth: Vishnu Prabhakar/Hindi Audio Book/2010/22. Voice: Anurag Sharma

Saturday, May 15, 2010

सुनो कहानी: पंकज सुबीर की कहानी तुम लोग

तुम लोग - पंकज सुबीर

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं रोचक कहानियां, नई और पुरानी। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में हरिशंकर परसाई की दर्दनाक कहानी "बाबू की बदली" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं पंकज सुबीर की कहानी "तुम लोग", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 15 मिनट 58 सेकंड।

प्रस्तुत कहानी का टेक्स्ट सुखनवर पत्रिका के मार्च-अप्रैल अंक में उपलब्ध है।

पंकज सुबीर की कहानियां पलाश और ईस्ट इंडिया कम्पनी आप पहले ही आवाज़ पर सुन चुके हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



एक एक रंग को खूबसूरती के साथ सजाया है प्रकृति ने इसकी पंखुरियों पर, बीच में ज़र्द पीले रंग का छींटा, फ़िर सिंदूरी और किनारों पर कहीं कहीं चटख़ लाल, संपूर्णता का एहसास लिये।
~ पंकज सुबीर

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

अरे पंडित! जब मरोगे न, तब यहीं के लोग दौड़ेंगे सबसे पहले।
(पंकज सुबीर की "तुम लोग" से एक अंश)


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VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis

#Twenty Eighth Story, Tum Log: Pankaj Subeer/Hindi Audio Book/2010/09. Voice: Anurag Sharma

Saturday, April 24, 2010

साईकिल की सवारी - पंडित सुदर्शन

सुनो कहानी: पंडित सुदर्शन की "साईकिल की सवारी"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार कमलेश्वर की पहली कहानी "कामरेड" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं हिंदी और उर्दू के अमर साहित्यकार पंडित सुदर्शन की प्रसिद्ध कहानी "साईकिल की सवारी", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

पंडित सुदर्शन की कालजयी रचना "हार की जीत", को सुनो कहानी में शरद तैलंग की आवाज़ में हम आपके लिए पहले ही प्रस्तुत कर चुके हैं. ।

कहानी "साईकिल की सवारी" का कुल प्रसारण समय 15 मिनट 17 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



“अब कोई दीन-दुखियों से मुँह न मोड़ेगा।”
~ सुदर्शन (मूल नाम: पंडित बद्रीनाथ भट्ट)
(1895-1967)


जम्मू में पांचवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में पहली बार "हार का जीत" पढी थी। तब से ही इसके लेखक के बारे में जानने की उत्सुकता थी। दुःख की बात है कि हार की जीत जैसी कालजयी रचना के लेखक के बारे में जानकारी बहुत कम लोगों को है। गुलज़ार और अमृता प्रीतम पर आपको अंतरजाल पर बहुत कुछ मिल जाएगा मगर यदि आप पंडित सुदर्शन की जन्मतिथि, जन्मस्थान (सिआलकोट) या कर्मभूमि के बारे में ढूँढने निकलें तो निराशा ही होगी। मुंशी प्रेमचंद और उपेन्द्रनाथ अश्क की तरह पंडित सुदर्शन हिन्दी और उर्दू में लिखते रहे हैं। उनकी गणना प्रेमचंद संस्थान के लेखकों में विश्वम्भरनाथ कौशिक, राजा राधिकारमणप्रसाद सिंह, भगवतीप्रसाद वाजपेयी आदि के साथ की जाती है। लाहोर की उर्दू पत्रिका हज़ार दास्ताँ में उनकी अनेकों कहानियां छपीं। उनकी पुस्तकें मुम्बई के हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय द्वारा भी प्रकाशित हुईं। उन्हें गद्य और पद्य दोनों ही में महारत थी। पंडित जी की पहली कहानी "हार की जीत" १९२० में सरस्वती में प्रकाशित हुई थी। मुख्य धारा के साहित्य-सृजन के अतिरिक्त उन्होंने अनेकों फिल्मों की पटकथा और गीत भी लिखे हैं. सोहराब मोदी की सिकंदर (१९४१) सहित अनेक फिल्मों की सफलता का श्रेय उनके पटकथा लेखन को जाता है। सन १९३५ में उन्होंने "कुंवारी या विधवा" फिल्म का निर्देशन भी किया। वे १९५० में बने फिल्म लेखक संघ के प्रथम उपाध्यक्ष थे। वे १९४५ में महात्मा गांधी द्वारा प्रस्तावित अखिल भारतीय हिन्दुस्तानी प्रचार सभा वर्धा की साहित्य परिषद् के सम्मानित सदस्यों में थे। उनकी रचनाओं में तीर्थ-यात्रा, पत्थरों का सौदागर, पृथ्वी-वल्लभ, बचपन की एक घटना, परिवर्तन, अपनी कमाई, हेर-फेर आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। फिल्म धूप-छाँव (१९३५) के प्रसिद्ध गीत तेरी गठरी में लागा चोर, बाबा मन की आँखें खोल आदि उन्ही के लिखे हुए हैं।
(निवेदक: अनुराग शर्मा)

बुरा समय आता है तो बुद्धि पहले ही भ्रष्ट हो जाती है।
(पंडित सुदर्शन की "साईकिल की सवारी" से एक अंश)


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#70th Story, Cycle ki Savari: Pt. Sudarshan/Hindi Audio Book/2010/15. Voice: Archana

Saturday, April 17, 2010

सुनो कहानी: कमलेश्वर की "कामरेड"

सुनो कहानी: कमलेश्वर की "कामरेड"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने नीलम मिश्रा की आवाज़ में रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी "काबुलीवाला" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार कमलेश्वर की पहली कहानी "कामरेड", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी "कामरेड" का कुल प्रसारण समय 22 मिनट है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट सृजनगाथा पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



यह सत्य भी है कि कामरेड की 'रेड' से सरकार तक चौंक जाती है।
~ कमलेश्वर (1932-2007)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

इन जालिमों के अत्याचार मिटाने को तुम्हें संगठित होना पड़ेगा, अपने हक के लिए तुम्हें लड़ना पड़ेगा।
(कमलेश्वर की "कामरेड" से एक अंश)


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#69th Story, Comrade: Kamleshwar/Hindi Audio Book/2010/14. Voice: Anurag Sharma

Saturday, September 12, 2009

शंखनाद - मुंशी प्रेमचंद

सुनो कहानी: मुंशी प्रेमचंद की "शंखनाद"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रेमचंद की कहानी "विजय" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कथा "शंखनाद", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 17 मिनट 54 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।






मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)


हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी


इस तरह की सभाऍं कितनी ही बार हो चुकी थीं, परन्तु इस देश की सामाजिक और राजनीतिक सभाओं की तरह इसमें भी कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होता था।
(प्रेमचंद की "शंखनाद" से एक अंश)



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#Thirty seventh Story, Vijay: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2009/31. Voice: Anurag Sharma

Saturday, September 5, 2009

मुंशी प्रेमचंद की विजय

सुनो कहानी: विजय - मुंशी प्रेमचंद

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रेमचंद की कहानी "नसीहतों का दफ्तर" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कथा "विजय", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 25 मिनट 14 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।






मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)


हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी


नतीजा यह हूआ कि आपस के प्यार और सच्चाई की जगह सन्देह पैदा हो गये। दरबारियों में गिरोह बनने लगे।
(प्रेमचंद की "विजय" से एक अंश)



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#Thirty sixth Story, Vijay: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2009/30. Voice: Anurag Sharma

Saturday, August 29, 2009

नसीहतों का दफ्तर - मुंशी प्रेमचंद

सुनो कहानी: मुंशी प्रेमचंद की "नसीहतों का दफ्तर"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने नीलम मिश्रा की आवाज़ में प्रेमचंद की कहानी "बूढी काकी" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कथा "नसीहतों का दफ्तर", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।
कहानी का कुल प्रसारण समय 22 मिनट है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।






मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)


हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी


एक रोज जब अक्षयकुमार कचहरी से आये तो सुन्दर और हँसमुख हेमवती ने एक रंगीन लिफाफा उनके हाथ में रख दिया। उन्होंने देखा तो अन्दर एक बहुत नफीस गुलाबी रंग का निमंत्रण था।
(प्रेमचंद की "नसीहतों का दफ्तर" से एक अंश)



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#Thirty fifth Story, Nasihaton ka daftar: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2009/29. Voice: Anurag Sharma

Saturday, August 22, 2009

बूढ़ी काकी - प्रेमचंद

सुनो कहानी: मुंशी प्रेमचंद की "बूढी काकी"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में मुंशी प्रेमचन्द की कहानी "कातिल" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की मार्मिक कथा "बूढ़ी काकी", जिसको स्वर दिया है नीलम मिश्रा ने।
कहानी का कुल प्रसारण समय 12 मिनट 28 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।




मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)


स्वतन्त्रता दिवस पर विशेष प्रस्तुति


(प्रेमचंद की "बूढ़ी काकी" से एक अंश)

बूढ़ी काकी की कल्पना में पूड़ियों की तस्वीर नाचने लगी। ख़ूब लाल-लाल, फूली-फूली, नरम-नरम होंगीं। रूपा ने भली-भाँति भोजन किया होगा। कचौड़ियों में अजवाइन और इलायची की महक आ रही होगी। एक पूड़ी मिलती तो जरा हाथ में लेकर देखती। क्यों न चल कर कड़ाह के सामने ही बैठूँ। पूड़ियाँ छन-छनकर तैयार होंगी। कड़ाह से गरम-गरम निकालकर थाल में रखी जाती होंगी। फूल हम घर में भी सूँघ सकते हैं, परन्तु वाटिका में कुछ और बात होती है।


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#Thirty fifth Story, Jhanki: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2009/29. Voice: Neelam Mishra

Saturday, August 15, 2009

स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर मुंशी प्रेमचंद की विशेष कहानी

सुनो कहानी: मुंशी प्रेमचंद की "कातिल"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने भीष्म साहनी के जन्मदिन पर अनुराग शर्मा की आवाज़ में विशेष कहानी "चीफ़ की दावत" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की स्वाधीनता संग्राम की पृष्ठभूमि में लिखी गयी देशभक्त माँ-बेटे की द्वंद्वात्मक और मार्मिक कथा "कातिल", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।
कहानी का कुल प्रसारण समय 28 मिनट 16 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।







मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)


स्वतन्त्रता दिवस पर विशेष प्रस्तुति


यह विधवा बड़ी सच्चाई और लगन से राष्ट़ की सेवा में लगी हुई थी। शुरू में उसका नौजवान बेटा भी स्वयंसेवकों में शमिल हो गया था। मगर इधर पांच महीनों से वह इस नयी सभा में शरीक हो गया था।
(प्रेमचंद की "कातिल" से एक अंश)



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#Thirty fourth Story, Jhanki: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2009/28. Voice: Anurag Sharma

Saturday, August 8, 2009

भीष्म साहनी के जन्मदिन पर विशेष "चीफ़ की दावत"

सुनो कहानी: भीष्म साहनी की "चीफ़ की दावत"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ।

पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कहानी झाँकी का पॉडकास्ट सुना था।

आज आठ अगस्त को प्रसिद्ध लेखक, नाट्यकर्मी और अभिनेता श्री भीष्म साहनी का जन्मदिन है. इस अवसर पर आवाज़ की और से प्रस्तुत है उनकी एक कहानी। मैं तब से उनका प्रशंसक हूँ जब पहली बार स्कूल में उनकी कहानी "अहम् ब्रह्मास्मि" पढी थी। मेरी इच्छा आज सुनो कहानी में वही कहानी पढने की थी परन्तु यहाँ उपलब्ध न होने के कारण आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं उनकी एक और प्रसिद्ध कहानी "चीफ की दावत" जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। आशा है आपको पसंद आयेगी।
कहानी का कुल प्रसारण समय 20 मिनट 9 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।




भीष्म साहनी (1915-2003)



हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी
पद्म भूषण भीष्म साहनी का जन्म आठ अगस्त 1915 को रावलपिंडी में हुआ था।


"नहीं, मैं नहीं चाहता की उस बुढ़िया का आना-जाना यहाँ फिर से शुरू हो। पहले ही बड़ी मुश्किल से बन्द किया था। माँ से कहें कि जल्दी खाना खा के शाम को ही अपनी कोठरी में चली जाएँ। मेहमान कहीं आठ बजे आएँगे। इससे पहले
ही अपने काम से निबट लें।"
("चीफ़ की दावत" से एक अंश)



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#Thirty third Story, Dawat: Bhisham Sahni/Hindi Audio Book/2009/27. Voice: Anurag Sharma

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