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Tuesday, June 27, 2017

भीष्म साहनी की "दो गौरय्या"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "देशभक्ति की पॉलिश" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं भीष्म साहनी की कथा "दो गौरय्या", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 12 मिनट 18 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

भीष्म साहनी (1915-2003)

हर शुक्रवार को "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"घर के अंदर भी यही हाल है। बीसियों तो चूहे बसते हैं।"
(भीष्म साहनी की "दो गौरय्या" से एक अंश)

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दो गौरय्या MP3

#Twelfth Story, Do Gaurayya: Bhisham Sahani/Hindi Audio Book/2017/12. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, May 2, 2017

मालती जोशी की कहानी आखरी शर्त

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में  मधुदीप गुप्ता की लघुकथा मज़हब का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मालती जोशी के कथा संग्रह "दर्द का रिश्ता" से एक कहानी आखरी शर्त, जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 17 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

4 जून 1934 को औरंगाबाद में जन्मी मालती जोशी लगभग चार दशकों से हिंदी कथा लेखन कर रही हैं। पत्र-पत्रिकाओं के अलावा उनकी कहानियाँ आकाशवाणी से भी प्रसारित हुई हैं तथा उनपर दूरदर्शन में धारावाहिक बने हैं।



हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


ज़रा अपनी बेटी के बारे में तो सोचो।
 (मालती जोशी की लघुकथा 'आखरी शर्त' से एक अंश)



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आखरी शर्त MP3

#Sixth Story, Aakhri Shart; Malti Joshi; Hindi Audio Book/2017/6. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, April 26, 2016

माँ सब देखती है - बोलती कहानियाँ

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में डॉ अनुराग आर्या की कहानी "शॉर्टकट टु हैपिनैस" का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं पूजा अनिल की कहानी माँ सब देखती है अर्चना चावजी के स्वर में।

प्रस्तुत कथा का गद्य "अभिव्यक्ति" पर उपलब्ध है। "माँ सब देखती है" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 27 सेकंड है। सुनिए और बताइये कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



लेखिका: पूजा अनिल
उदयपुर, राजस्थान में जन्मीं पूजा अनिल सन् १९९९ से स्पेन की राजधानी मेड्रिड में रह रही हैं। साहित्य पढ़ने लिखने में बचपन से ही रुचि रही। ब्लॉग 'एक बूँद' का संचालन तथा हिन्द युग्म तथा पत्रिकाओं में आलेख, साक्षात्कार, निबंध व कवितायें प्रकाशित हुई हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


"माँ! तुमने कहा था ना कि तुम्हें सब दिखता है?”
 (पूजा अनिल कृत "माँ सब देखती है" से एक अंश)


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माँ सब देखती है MP3

#Eleventh Story, Maa Sub Dekhati Hai; Pooja Anil; Hindi Audio Book/2016/11. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, September 1, 2015

रुद्राभिषेक - सौरभ चतुर्वेदी

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने मोनिका गुप्ता के स्वर में उन्हीं की लघुकथा "मुसीबत मोल ली मैंने" का पाठ सुना था।

आज हम आपका परिचय एक नए लेखक से करा रहे हैं। आज आपकी सेवा में प्रस्तुत है, सौरभ चतुर्वेदी लिखित हृदयस्पर्शी कथा रुद्राभिषेक, अर्चना चावजी के स्वर में।

इस कहानी रुद्राभिषेक का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

साहित्य केवल मानसिक भूख को शान्त ही नहीं करता बल्कि मनुष्य को 'मनुष्य' के रुप में परिवर्तित भी करता है-सौरभ चतुर्वेदी

पूर्वांचल बैंक की हल्दी (बलिया, उ॰प्र॰) शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत उदीयमान लेखक सौरभ चतुर्वेदी का जन्म 27 फरवरी सन् 1990 को श्रीमती नीलिमा चौबे व श्री शशिभूषण चौबे के परिवार में हुआ था। वे स्नातकोत्तर (हिन्दी साहित्य) में अध्ययनरत हैं और स्वतंत्र रुप से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ ऑनलाइन  नियमित लेखन करते हैं।
आत्मकथ्य-साहित्य के द्वारा भावना दया प्रेम सहिष्णुता इत्यादि मानवीय गुणों का प्रसारण

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"दो दिन पहले घर लौटते समय एक ट्रक के नीचे आ गया ... डॉक्टर कहते हैं सारा खून बह गया है ... कोमा में है।”
 (सौरभ चतुर्वेदी की कथा "रुद्राभिषेक" से एक अंश)


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रुद्राभिषेक MP3

#Fourteenth Story, Rudrabhishek; Saurbh Chaturvedi; Hindi Audio Book/2015/14. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, November 25, 2014

बोलती कहानियाँ: जयशंकर प्रसाद की कला

जयशंकर प्रसाद की कहानी कला

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट काजल कुमार की लघुकथा 'लोकतंतर' का पॉडकास्ट सुना था। आज हम लेकर आये हैं महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कहानी "कला", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 11 मिनट 15 सेकंड।

इसी कहानी का एक अन्य ऑडियो संस्करण बोलती कहानियाँ के लिए अनुराग शर्मा के स्वर में भी उपलब्ध है

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



झुक जाती है मन की डाली, अपनी फलभरता के डर में।
~ जयशंकर प्रसाद (30-1-1889 - 14-1-1937)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

अब मैं घर जाऊंगी, अब मेरी शिक्षा समाप्त हो चुकी।
(जयशंकर प्रसाद की "कला" से एक अंश)



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कला MP3

#15th Story, Kala: Jaishankar Prasad/Hindi Audio Book/2014/15. Voice: Archana Chaoji

Monday, November 3, 2014

जयशंकर प्रसाद की लघुकथा खंडहर की लिपि

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको हिन्दी में मौलिक व अनुवादित नई पुरानी, रोचक कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछली बार आपने भावों के अनूठे चित्रकार गिरिजेश राव की मार्मिक लघुकथा "... एक सुख ऐसा भी" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा के स्वर में सुना था। आज हम लेकर आये हैं हिन्दी के प्राख्यात साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की मर्मस्पर्शी लघुकथा "खंडहर की लिपि", वाचन अर्चना चावजी द्वारा।

कहानी "खंडहर की लिपि" का आलेख प्रतिलिपि पर उपलब्ध है। इस प्रस्तुति का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 33 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।


मिला कहाँ वह सुख जिसका मै स्वप्न देखकर जाग गया।
आलिंगन में आते-आते मुस्काकर जो भाग गया।
~ जयशंकर प्रसाद



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


‘‘तो प्रभु, क्या मैं यही उत्तर दे दूँ? ‘‘दासी ने कहा।
(जयशंकर प्रसाद की लघुकथा "खंडहर की लिपि" से एक अंश)



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खंडहर की लिपि MP3

#Twelfth Story, Khandahar Ki Lipi; Jaishankar Prasad/Hindi Audio Book/2014/12. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, October 21, 2014

बोलती कहानियाँ: बहू लक्ष्मी - श्यामचंद्र कपूर

रेडियो प्लेबैक इंडिया के सभी श्रोताओं को दीपावली पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें!

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी, रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कथा "छोटा जादूगर" का पॉडकास्ट अर्चना चावजी की आवाज़ में सुना था। आज हम लेकर आये हैं लेखक श्याम चंद्र कपूर की कथा "बहू लक्ष्मी", वाचन अर्चना चावजी द्वारा।

कहानी "बहू लक्ष्मी" का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 38 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।


वर्तमान में जबकि ‘औरंगजेब की सहिष्णुता’ पर शोध प्रबन्ध लिखे जा रहे हैं, इस विषय का यथातथ्य विश्लेषण परमावश्यक है कि इतिहास को अपने मूलरूप में बनाए रखा जाय।
~ श्यामचंद्र कपूर



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


घर में तो खाने का ठिकाना नहीं, लड़कों के विवाह करके बहुओं को क्या खिलाऊंगा?
(श्याम चंद्र कपूर की "बहू लक्ष्मी" से एक अंश)


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बहू लक्ष्मी MP3

#Tenth Story, Bahu Laxmi: Shyam Chandra Kapoor/Hindi Audio Book/2014/10. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, January 14, 2014

मनमोहन भाटिया की बड़ी दादी

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट काजल कुमार की व्यंग्यात्मक लघुकथा "ड्राइवर" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मनमोहन भाटिया की कथा बड़ी दादी जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी "बड़ी दादी" का गद्य हिन्दी समय पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 19 मिनट 40 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

दिल्ली प्रेस कहानी प्रतियोगिता 2006 तथा अभिव्यक्ति कथा महोत्सव 2008 में पुरस्कृत मनमोहन भाटिया (बीकॉम एलएलबी) दिल्ली में रहते हैं। उनकी रचनायें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से छप रही हैं। उनका ब्लॉग कथासागर है।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

नन्हे पौत्र की शैतानी भरी बातें सुन कर देविका हंसने लगी।
 (मनमोहन भाटिया रचित "बड़ी दादी" से एक अंश)





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#First Story, Badi Dadi: Manmohan Bhatia/Hindi Audio Book/2014/01. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, October 29, 2013

बकरी दो गाँव खा गई ~ हरिकृष्ण देवसरे

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अभिषेक ओझा की दार्शनिक कहानी "संयोग" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं डॉ. हरिकृष्ण देवसरे की कहानी "बकरी दो गाँव खा गई", अर्चना चावजी की आवाज़ में।

कहानी "बकरी दो गाँव खा गई" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 52 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



प्रसिद्ध लेखक हरिकृष्ण देवसरे विज्ञान प्रसार से जुड़े हैं

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"एक आदमी आगरा की सड़कों पर रोता चिल्लाता घूम रहा था।"
(हरिकृष्ण देवसरे की "बकरी दो गाँव खा गई" से एक अंश)


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बकरी दो गाँव खा गई MP3
#34th Story, Bakri do gaon kha gai : Hari Krishna Devsare/Hindi Audio Book/2011/34. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, June 18, 2013

मुंशी प्रेमचंद की मर्मस्पर्शी कहानी कायर

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में सुदर्शन प्रियदर्शिनी की कहानी "देशांतर" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुंशी प्रेमचंद की मर्मस्पर्शी कहानी कायर जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी "कायर" का कुल प्रसारण समय 27 मिनट 9 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।




मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ ... मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं ~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“न जाने कहाँ से यह कुलच्छीनी मेरे कोख में आई।”
 (मुंशी प्रेमचंद रचित "कायर" से एक अंश)


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कायर MP3

#22nd Story, Kayar: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2013/22. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, April 30, 2013

मुंशी प्रेमचंद की अमर रचना दो बैलों की कथा

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में पुरुषोत्तम पाण्डेय की कहानी "लातों का देव" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी दो बैलों की कथा जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी "दो बैलों की कथा" का गद्य भारत डिस्कवरी पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 26 मिनट 50 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।




मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ ... मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं ~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“गधा सचमुच बेवकूफ है या उसके सीधेपन, उसकी निरापद सहिष्णुता ने उसे यह पदवी दे दी है, इसका निश्चय नहीं किया जा सकता।”
 (मुंशी प्रेमचंद रचित "दो बैलों की कथा" से एक अंश)


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#15th Story, Do Bailon Ki Katha: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2013/15. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, February 5, 2013

ओ हेनरी की इबादत (अ सर्विस ऑफ़ लव)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में डा. अमर कुमार की लघुकथा ""अपनों ने लूटा" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्राख्यात अमेरिकी कथाकार ओ हेनरी की अंग्रेज़ी कहानी "A service of love" का हिन्दी अनुवाद "इबादत", अर्चना चावजी, अनुभव प्रिय और सलिल वर्मा की आवाज़ में। हिन्दी अनुवाद अनुभव प्रिय का है और प्रस्तुति को संगीत से संवारा है पद्मसिंह ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 13 मिनट 42 सेकंड है। आप भी सुनें और अपने मित्रों और परिचितों को भी सुनाएँ  और हमें यह भी बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“जब बिना कालर का चोर पकड़ा जाता हैं, तो उसे सबसे दुराचारी और दुष्ट कहा जाता है।”
ओ हेनरी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"अच्छा, जल्दी से हाथ मुँह धो लो, मैं खाना लगती हूँ।"
(ओ हेनरी की "इबादत" से एक अंश)

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 #Fifth Story, Ibadat  O Henry/Hindi Audio Book/2013/5. Voice: Archana Chaoji 

Tuesday, January 8, 2013

मंटो की कहानी "खोल दो"

जहाँ तक मंटो को भारत और पाकिस्तान में मिलने वाले सम्मान का सवाल है तो पाकिस्तान का समाज तो ख़ैर एक बंद समाज था और वहाँ उनकी कहानियों पर प्रतिबंध लगा और उन पर मुक़दमे चले। लेकिन मैं समझता हूँ कि भारत में प्रेमचंद के बाद यदि किसी लेखक पर काम हुआ है तो वह मंटो है। हिंदी में भी, उर्दू में भी।
~ कमलेश्वर (प्रसिद्ध लेखक और उपन्यासकार)

'बोलती कहानियाँ'' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में इब्ने इंशा की कहानी 'कछुआ और खरगोश' का पॉडकास्ट सुना था। आज हम लेकर आये हैं सआदत हसन "मंटो" की खोल दो, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 10 मिनट 34 सेकंड।

इस कहानी का टेक्स्ट हिन्दी समय पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



पागलख़ाने में एक पागल ऐसा भी था जो ख़ुद को ख़ुदा कहता था.
~ स'आदत हसन मंटो (१९१२-१९५५)


हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी


रास्ते में कई आदमी मारे गए। अनेक जख्मी हुए और कुछ इधर-उधर भटक गए।
(मंटो की "खोल दो" से एक अंश)



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#First Story, Khol Do: Sa'adat Hasan Manto/Hindi Audio Book/2013/01. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, November 27, 2012

ओ हेनरी की अनोखी कलाकृति

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में लोकप्रिय लेखिका रश्मि रविजा की कहानी ""कशमकश" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्राख्यात अमेरिकी कथाकार ओ हेनरी की अंग्रेज़ी कहानी "द लास्ट लीफ" का हिन्दी अनुवाद "अनोखी कलाकृति", अर्चना चावजी की आवाज़ में।

कहानी का कुल प्रसारण समय १० मिनट २४ सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“जब बिना कालर का चोर पकड़ा जाता हैं, तो उसे सबसे दुराचारी और दुष्ट कहा जाता है।”
ओ हेनरी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"मिस्टर 'निमोनिया' स्त्रियों के साथ भी कोई रियायत नहीं करते थे।"  (ओ हेनरी की "अनोखी कलाकृति" से एक अंश)

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 #40th Story, Anokhi Kalakriti  O Henry/Hindi Audio Book/2012/40. Voice: Archana Chaoji 

Tuesday, October 2, 2012

बोलती कहानियाँ - फैसला (भीष्म साहनी)

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने शेफाली गुप्ता की आवाज़ में क्रांति त्रिवेदी की कहानी "एक पढ़ी लिखी स्त्री" का पॉडकास्ट सुना था।

आज प्रस्तुत है, प्रसिद्ध लेखक, नाट्यकर्मी और अभिनेता श्री भीष्म साहनी की एक कहानी। मैं तब से उनका प्रशंसक हूँ जब पहली बार स्कूल में उनकी कहानी "अहम् ब्रह्मास्मि" पढी थी। सुनो कहानी में वही कहानी पढने की मेरी बहुत पुरानी इच्छा है परन्तु यहाँ उपलब्ध न होने के कारण आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं उनकी एक और प्रसिद्ध कहानी "फ़ैसला" जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। आशा है आपको पसंद आयेगी।

कहानी का कुल प्रसारण समय 18 मिनट 5 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।

भीष्म साहनी (1915-2003)

हर सप्ताह सुनिए एक नयी कहानी
पद्म भूषण भीष्म साहनी का जन्म आठ अगस्त 1915 को रावलपिंडी में हुआ था।


"हीरालाल को बातें करने का शौक था और मुझे उसकी बातें सुनने का।"
("फ़ैसला" से एक अंश)

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#32nd Story, Faisala: Bhisham Sahni/Hindi Audio Book/2012/32. Voice: Archana Chaoji

Friday, May 4, 2012

रचना बजाज की कहानी "अपनापन"

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर शुक्रवार को आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रचना बजाज जी की कहानी अपनापन जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। कहानी "अपनापन" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 32 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।



जो धनी बनुँ तो दान करुँ, शिक्षित हूँ तो बाटुँ शिक्षा; इस जीवन मे पाई है, बस इतनी ही मैने दीक्षा।
 ~ रचना बजाज

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

फ़ातिमा चाची भी झट उनके पास आकर कहती , आरती दीदी मुझे भी अपने लिये बनाना है, मुझे भी सिखाओ ना!
 (रचना बजाज की "अपनापन" से एक अंश)


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#15th Story, Apanapan: Rachana Bajaj/Hindi Audio Book/2012/15. Voice: Archana Chaoji

Friday, March 30, 2012

बोलती कहानियाँ - मेले का ऊँट - बालमुकुन्द गुप्त

 'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने रीतेश खरे "सब्र जबलपुरी" की आवाज़ में निर्मल वर्मा की डायरी ' धुंध से उठती धुंध ' का अंश "क्या वे उन्हें भूल सकती हैं का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं बालमुकुन्द गुप्त का व्यंग्य "मेले का ऊँट, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

इस प्रसारण का कुल समय 7 मिनट 33 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

समझ इस बात को नादां जो तुम में कुछ भी गैरत हो,
न कर उस काम को हरगिज कि जिसमें तुझको जिल्लत हो।
 ~  "बालमुकुन्द गुप्त" (1865 - 1907)

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

न जाने आप घर से खाकर गये थे या नहीं ...
(बालमुकुन्द गुप्त की "मेले का ऊँट" से एक अंश)

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 #Twelfth Story, Mele Ka Oont: Baba Bal Mukund Gupta/Hindi Audio Book/2012/12. Voice: Archana Chaoji

Friday, March 16, 2012

बोलती कहानियाँ: घीसा (महादेवी वर्मा) - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अमर साहित्यकार बाबा नागार्जुन की मार्मिक कहानी "असमर्थ दाता का पॉडकास्ट प्राख्यात ब्लॉगर अर्चना चावजी की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं छायावाद की अमर कवयित्री महादेवी वर्मा द्वारा लिखी हृदयस्पर्शी कहानी "घीसा, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

 कहानी का कुल प्रसारण समय 10 मिनट 17 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

अश्रु यह पानी नहीं है, यह व्यथा चंदन नहीं है!
महादेवी वर्मा (26 मार्च 1906 – 11 सितम्बर, 198)

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

जला हुआ काला वर्ण, टेढ़े मेढ़े पैर, दरकी हुई त्वचा, शुष्क बेतरतीब रस्सीनुमा केश। चीकट मैले कुरते की एक बांह पूरी, एक बांह आधी। मानो खेत में कौए को डराने के लिए कोई पुतला खड़ा हो। लेकिन आंखें एकदम चमकीली।
(महादेवी वर्मा की "घीसा" से एक अंश)

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 #Tenth Story, Gheesa: Mahadevi Verma/Hindi Audio Book/2012/10. Voice: Archana Chaoji

Friday, March 9, 2012

बोलती कहानियाँ - असमर्थ दाता - नागार्जुन

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने प्राख्यात ब्लॉगर अर्चना चावजी की आवाज़ में उन्हीं की मार्मिक कहानी "मुनिया का बचपन का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अमर साहित्यकार बाबा नागार्जुन द्वारा 1935 में लिखी हृदयस्पर्शी कहानी "असमर्थ दाता, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

 कहानी का कुल प्रसारण समय 11 मिनट 26 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

एक पूत भारतमाता का, कन्धे पर है झन्डा पुलिस पकड कर जेल ले गई, बाकी बच गया अंडा।
वैद्यनाथ मिश्र "नागार्जुन" (३० जून १९११ - ५ नवंबर १९९८)

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

एक नौ-दस साल की मैली-कुचैली लड़की मेरे कुर्ते का पिछला पल्ला पकड़कर गिड़गिड़ा रही थी, "बाबूजी एक पैसा! मेरी माँ अन्धी ..."  
(बाबा नागार्जुन की "असमर्थ दाता" से एक अंश)

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 #Ninth Story, Asamarth Data: Baba Nagarjun/Hindi Audio Book/2012/9. Voice: Archana Chaoji

Friday, March 2, 2012

बोलती कहानियाँ - मुनिया का बचपन - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में साहित्यकार और प्राख्यात ब्लॉगर समीर लाल की कहानी "आखिर बेटा हूँ तेरा का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अर्चना चावजी की कहानी "मुनिया का बचपन, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी "मुनिया का बचपन" का टेक्स्ट "मेरे मन की" ब्लॉग पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 37 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

अच्छाई में पाप नहीं, तुम अच्छाई से नहीं डरो। हो भला सभी का जिससे, काम सदा तुम वही करो॥
 ~  अर्चना चावजी

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

दोस्त है तेरा, दोस्त की बात का बुरा नहीं मानते।
 (अर्चना चावजी की "मुनिया का बचपन" से एक अंश)

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#Eighth Story, Munia Ka Bachpan: Archana Chaoji/Hindi Audio Book/2012/8. Voice: Archana Chaoji

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