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Tuesday, January 9, 2018

बोलती कहानियाँ: डेट

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने समीर गोस्वामी के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की कहानी नेउर सुनी थी।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजेश राव की एक अलग सी कहानी डेट जिसे स्वर दिया है सलिल वर्मा ने।

हिन्दी एवं अंग्रेज़ी में गद्य और पद्य में लिखने वाले गिरिजेश राव की इस कहानी डेट से पहले भी उनकी कई कहानियाँ आप रेडियो प्लेबैक इंडिया पर पहले भी सुन चुके हैं, जिनके लिंक निम्न हैं:


प्रस्तुत कथा का गद्य "एक आलसी का चिट्ठा" पर उपलब्ध है। "डेट" का कुल प्रसारण समय 17 मिनट, 6 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


काशी की उत्पत्ति 'काश' से है जिसका अर्थ होता है प्रकाश। यह सनातन नगरी प्रकाश नगरी है। धान या वृहि अन्न की उपज से जुड़ा प्रकाशपर्व यहाँ अपनी विशिष्टता लिये हुये है। पाँच दिनों तक पुराने महाल बाबा विश्वनाथ की पड़ोसन देवी अन्नपूर्णा का विशेष दरबार लगता है।
~ गिरिजेश राव "सनातन कालयात्री"



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


वैसा विचित्र प्रोफ़ाइल नहीं देती तो तुम कैसे मिलते?
(गिरिजेश राव की "डेट" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:



#First Story, Date: Girijesh Rao/Hindi Audio Book/2018/1. Voice: Salil Varma

Tuesday, October 28, 2014

गिरिजेश राव की कहानी एक सुख ऐसा भी

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको हिन्दी में मौलिक व अनुवादित नई पुरानी, रोचक कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछली बार आपने प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार श्यामचंद्र कपूर की कथा "बहू लक्ष्मी" का पॉडकास्ट अर्चना चावजी के चिर-परिचित स्वर में सुना था। आज हम लेकर आये हैं भावों से परिपूर्ण लेखक गिरिजेश राव की मर्मस्पर्शी कथा "...एक सुख ऐसा भी", वाचन अनुराग शर्मा द्वारा।

आदि से अंत तक बांधकर रखने वाली कहानी "... एक सुख ऐसा भी" का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 38 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का आलेख/टेक्स्ट एक आलसी का चिट्ठा ब्लॉग पर उपलब्ध है। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।


काशी की उत्पत्ति 'काश' से है जिसका अर्थ होता है प्रकाश। यह सनातन नगरी प्रकाश नगरी है। धान या वृहि अन्न की उपज से जुड़ा प्रकाशपर्व यहाँ अपनी विशिष्टता लिये हुये है। पाँच दिनों तक पुराने महाल बाबा विश्वनाथ की पड़ोसन देवी अन्नपूर्णा का विशेष दरबार लगता है।
~ गिरिजेश राव "सनातन कालयात्री"



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


कोई कोई हँसी ऐसी होती है जैसे बाँध दरक रहा हो और पानी धीरे धीरे प्रवाह पा रहा हो। वे दोनों ऐसे ही हँसे थे हालाँकि मैं यह देख थोड़ा उलझा भी कि उन्हों ने डिब्बा वापस वैसे ही झोले में रख दिया था।
(गिरिजेश राव की "...एक सुख ऐसा भी" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
...एक सुख ऐसा भी MP3

#Eleventh Story, Ek Sukh Aisa Bhi: Girijesh Rao/Hindi Audio Book/2014/11. Voice: Anurag Sharma

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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