Wednesday, October 5, 2016

"जब लफ़्ज़ों पर प्रहार होता है तो एक चीख सी निकल जाती है..." - विजय अकेला : एक मुलाकात ज़रूरी है

एक मुलाकात ज़रूरी है (31)

"एक पल का जीना" जैसे हिट गीत से बॉलीवुड में कदम रखने वाले गीतकार विजय अकेला एक बेहतरीन शायर और उन्दा लेखक भी हैं, फ़िल्मी गीतकारों जैसे आनंद बख्शी (मैं शायर बदनाम), जाँ निसार अख्तर (निगाहों के साए), और जावेद अख्तर (जावेद अख्तर और मैं) पर लिखी उनकी किताबें हर संगीतप्रेमी के लिए संग्रहनीय है. मिलिए इस हरफनमौला कलाकार से आज के इस विशेष एपिसोड में...



एक मुलाकात ज़रूरी है इस एपिसोड को आप यहाँ से डाउनलोड करके भी सुन सकते हैं, लिंक पर राईट क्लीक करें और सेव एस का विकल्प चुनें 

1 comment:

Sujoy Chatterjee said...

bahut achcha laga. badhaai

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