Tuesday, April 16, 2013

हरिशंकर परसाई की कहानी "यस सर"

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने दीपक बाबा की कहानी "जय प्रकाश उर्फ जे पी" सुनी थी अनुराग शर्मा के स्वर में।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य यस सर जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी "यस सर" का गद्य प्रदीप कांत के तत्सम ब्लॉग पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 31 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। । ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

मुख्यमंत्री को याद आया कि इनका कोई काम होना था।
 (हरिशंकर परसाई की "यस सर" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
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 यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
यस सर MP3

#13th Story, Yes Sir: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2013/13. Voice: Anurag Sharma

3 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

डाउनलोड कर सुनते हैं.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

डाउनलोड कर सुनते हैं.

Smart Indian said...

ज़रूर सुनिए सरकार!

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