Saturday, February 16, 2013

'सिने पहेली' में आज स्वागत बसन्त का


16 फ़रवरी, 2013
सिने-पहेली - 59  में आज 

सुलझाइये कुछ फूलों भरी पहेलियाँ


'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के सभी पाठकों और श्रोताओं को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार। दोस्तों, कल बसन्त पंचमी का पावन पर्व था। इस दिन से वसन्त ॠतु की शुरुआत मानी जाती है। बंगाल में इस दिन देवी सरस्वती की पूजा होती है। शीत काल समाप्त हुआ चाहता है और मौसम सुहाना होने लगता है। मन्द-मन्द बयार, चारों ओर फूलों की छटा, पंछियों का कलरव; कुल मिला कर एक सुन्दर वातावरण का अहसास होता है। आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में शायद प्रकृति की इन शोभाओं का अनुभव बहुत कम लोग कर पाते हों, पर सच पूछिये तो इन प्राकृतिक सुन्दरताओं से ही हमारा जीवन सुन्दर बनता है, कृत्रिम वस्तुओं से नहीं। आइये आज की 'सिने पहेली' को महकाया जाये दस अलग-अलग फूलों की ख़ुशबूओं से, उनकी सुनदरता से। 


आज की पहेली : पहचानो फूल, बिना किए भूल 

नीचे दी हुई तसवीर में आपको दस फूल दिखाये गये हैं। आपको इन फूलों के नाम बताने हैं और हर फूल के लिए एक ऐसा हिन्दी फ़िल्मी गीत सुझाना है जिसमें उस फूल का शाब्दिक उल्लेख आया हो। दस फूलों के लिए दस अलग गीत होने चाहिए।




जवाब भेजने का तरीका


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 59" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 21 फ़रवरी शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।



पिछली पहेली का हल


गीत 1. तुमने जो कहा, मैनें वो सुना......(फिल्‍म - लावारिस)

गीत 2. ऐ दिल लाया है बहार, अपनों का प्‍यार....क्‍या कहना......(फिल्‍म - क्‍या कहना)

गीत 3. चुरा लिया है तुमने जो दिल को .....(फिल्‍म - यादों की बारात)

गीत 4. सुन सुन सुन बरसात की धुन सुन......(फिल्‍म - सर)

गीत 5. तुमसे मिलके, ऐसा लगा तुमसे मिलके, अरमां हुए पूरे दिल के......(फिल्‍म - परिन्‍दा)

"ताजमहल" वाले गीतों पर हम एक विशेषालेख बहुत जल्द प्रस्तुत करेंगे।



पिछली पहेली का परिणाम


इस बार 'सिने पहेली' में कुल 7 प्रतियोगियों ने भाग लिया। सबसे पहली 100% सही जवाब भेज कर इस बार 'सरताज प्रतियोगी' बने हैं पिट्सबर्ग के महेश बसन्तनी। महेश जी, बहुत बहुत बधाई आपको। आइए अब नज़र डालते हैं इस सेगमेण्ट के अब तक के सम्मिलित स्कोरकार्ड पर।






नये प्रतियोगियों का आह्वान

नये प्रतियोगी, जो इस मज़ेदार खेल से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम यह बता दें कि अभी भी देर नहीं हुई है। इस प्रतियोगिता के नियम कुछ ऐसे हैं कि किसी भी समय जुड़ने वाले प्रतियोगी के लिए भी पूरा-पूरा मौका है महाविजेता बनने का। अगले सप्ताह से नया सेगमेण्ट शुरू हो रहा है, इसलिए नये खिलाड़ियों का आज हम एक बार फिर आह्वान करते हैं। अपने मित्रों, दफ़्तर के साथी, और रिश्तेदारों को 'सिने पहेली' के बारे में बताएँ और इसमें भाग लेने का परामर्श दें। नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर महाविजेता बनने पर आपके नाम हो सकता है 5000 रुपये का नगद इनाम।


कैसे बना जाए 'सिने पहेली महाविजेता?

1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स।

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जुड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेताओं के रूप में चुन लिया जाएगा।

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। पाँचवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा...





4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम। महाविजेता को पुरस्कार स्वरूप नकद 5000 रुपये दिए जायेंगे, तथा द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को दिए जायेंगे सांत्वना पुरस्कार।

'सिने पहेली' को और भी ज़्यादा मज़ेदार बनाने के लिए अगर आपके पास भी कोई सुझाव है तो 'सिने पहेली' के ईमेल आइडी पर अवश्य लिखें। आप सब भाग लेते रहिए, इस प्रतियोगिता का आनन्द लेते रहिए, क्योंकि महाविजेता बनने की लड़ाई अभी बहुत लम्बी है। आज के एपिसोड से जुड़ने वाले प्रतियोगियों के लिए भी 100% सम्भावना है महाविजेता बनने का। इसलिए मन लगाकर और नियमित रूप से (बिना किसी एपिसोड को मिस किए) सुलझाते रहिए हमारी सिने-पहेली, करते रहिए यह सिने मंथन, आज के लिए मुझे अनुमति दीजिए, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार। 

4 comments:

Anupama Tripathi said...

बहुत मेहनत से तैयार की गई शानदार रोचक पोस्ट .....बहुत आभार .

Pankaj Mukesh said...

Kuchh aise bhi geet hain jismein 1 nahin 2, nahin magar 3-4 phoolon ka ullekh hai, aur sabhi prastut chitra mein sammilit hain, aisee paristhiti mein kya kiya jaay???

Vijay Vyas said...

पंकज जी, जैसा कि पहेली में स्‍पष्‍ट लिखा है कि 'दस फूलों के लिए दस अलग गीत होने चाहिए'...शायद इसके बाद कोई कन्‍फ्यूजन नहीं रह जाता । वैसे और आधिकारिक जानकारी सुजॉय जी दे सकते हैं। आभार ।

Pankaj Mukesh said...

VIJAY JI, WO TO PATA HI CHAL RAHA HAI!!! MAINE SIR IS LIYE TIPPADI KI KI KYA SABHI PHOOLON KE LIYE COMMON SONG CHALEGA?? KYONKI SABHI3-4 PHOOL SHAMIL HAIN AUR, NAI KOI KAHANI START NA HO!!ISLIYE ANTICIPATION MEIN MAINE POSTING KI THI!!
THANX FOR REPLY,

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