Tuesday, February 14, 2012

ब्लोग्गर्स चोईस में आज हैं जेनी शबनम और उनकी यादों में बसे कुछ गीत

५ गीतों की असमंजसता में आज हैं हमारे साथ जेनी शबनम जी, किसे चुनूँ किसे रहने दूँ ! धत् - जो पहले मन में आता है, जिसका एक ख़ास संबंध है जीवन से, वो ये हैं ...... गीत व्यक्तित्व की ही झलक हैं, पसंद बताते हैं कि व्यक्ति कैसा है . मन, दर्शन, रहस्य, भक्ति, आशा, निराशा. सबकुछ है गीतों में, जो आपको ही प्रस्तुत करते हैं. ये रहे ५ गीत जेनी जी की पसंद के...श्श्श्श....गीतों के मध्य बातचीत सही नहीं .... बस सुनिए
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१. बाबुल की दुआएं लेती जा, जा तुझको सुखी संसार मिले..........
फिल्म - नील कमल


मेरे पिता को ये गाना बहुत पसंद था और जब मैं करीब १०-११ साल की थी तब ये गाना सुनते सुनते मेरे पापा रोने लगे थे कि एक दिन मेरी भी शादी इसी तरह हो जाएगी और मैं दूसरे घर चली जाऊँगी. हालांकि मेरी शादी होने तक वो जीवित न रहे. इसलिए जब भी ये गाना सुनती हूँ मुझे मेरे पापा याद आते हैं और उस दिन की घटना भी.



२. मैं एक सदी से बैठी हूँ, इस राह से कोई गुजरा नहीं......
फिल्म - लेकिन


इस गाने के पसंद की वजह तो मुझे भी नहीं मालूम. पर इतना याद है कि जिस दिन पहली बार इस गाना को सुना तो इसके बोल इतने पसंद आये कि सारा दिन बस इसी गाना को सुनती रही. इस गाने के बोल सीधे मन में उतर गए. यूँ लगता मानो किसी मसीहा के इंतज़ार में हूँ जो शायद...



३. नीला आसमान सो गया.........
फिल - सिलसिला


गाने के बोल और रेखा पर इसका फिल्मांकन दिल को छू गया है. अधिकांश स्त्रियों के अनकहे दर्द का चित्रण है. ऐसा लगता है मानो सम्पूर्ण कायनात उसके दर्द से छलनी है. मीना कुमारी के बाद मेरी पसंदीदा अभिनेत्री रेखा रही है, शायद इस लिए भी ये गाना बहुत पसंद है.



४. कहाँ तक ये मन को अँधेरे छलेंगे, उदासी भरे दिन कभी तो ढलेंगे..........
फिल्म - बातों बातों में


उम्मीद दिलाते इस गीत के बोल मुझमें हिम्मत और विश्वास जगाते हैं और हौसला बढ़ता है. ज़िन्दगी में कई बार जब लगता कि जीवन... अब बस... अब और नहीं... हार... दर्द... और फिर आत्मबल मिलता कि सब कुछ अब बस ठीक होने को है, दर्द का मौसम भी जल्दी हीं बीतेगा और फिर खुशियाँ खुशियाँ...



५. ज़िन्दगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं जो मकाम...............
फिल्म - आप की कसम


इस गीत का मेरे जीवन से अनोखा सम्बन्ध है. जीवन में ऐसे पल आये जब ज़िन्दगी से दूर चले जाने का मन किया, ऐसे में ये गीत मुझे वापस अपनों के बीच ले आया. कई सन्देश है इस गीत में, सबसे अहम्... ''कल तड़पना पड़े याद में जिनकी रोक लो रूठ कर उनको जाने न दो...''

2 comments:

कृष्णमोहन said...

गीतों का चयन बहुत अच्छा है।

Sujoy Chatterjee said...

geeton ka chayan waaqai badhiya hai. khaas kar "main ek sadi se baithi hoon" aur "kahaan tak ye man ko andhere chhalenge" mujhe bhi bahut pasand hai.

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